मोबाईल का ज्यादा इस्तेमाल करने से mental health पर क्या असर पड़ता हैं ?
मोबाईल का ज्यादा इस्तेमाल करने से mental health पर क्या असर पड़ता हैं ?
आज के समय में मोबाईल फोन हमारी life का important part बन चुका हैं | सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हम इसके इतने आदि हो चुके है की इसके बिना तो जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं | छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा काम ,पढ़ाई ,मनोरंजन सब कुछ फोन पर ही निर्भर हो गया हैं
पर क्या आपने कभी सोचा है की मोबाईल का अधिक use हमारी मेंटल हेल्थ को कितना नुकसान करता है ? आज के इस ब्लॉग में हम इसी के बारे मे विस्तार से चर्चा करने वाले है तो चलिए जानते हैं
मोबाईल फोन कैसे हमारे मेंटल हेल्थ को प्रभावित करता है -
मोबाईल फोन का ज्यादा use हमारे मेंटल हेल्थ को कई तरह से प्रभावित करता हैं उनमे से कुछ इस तरह से हैं ...
1. ध्यान में कमी - मोबाईल फोन के ज्यादा इस्तेमाल से हम किसी भी काम में या पढ़ाई में concentrate नहीं कर प रहे हैं | हमारा दिमाग किसी भी काम को ज्यादा देर तक फोकस नहीं कर पा रहा है जिसका असर हमारे काम पर और पढ़ाई मे भी देखने को मिल रहा हैं |
2. नींद की समस्या - मोबाईल फोन के ज्यादा use से अधिकतर लोगों को नींद की समस्या होने लगी हैं क्योंकि आज के समय में अधिकतर लोग देर रात तक मोबाईल का उपयोग करते रहते हैं मोबाईल से निकलने वाली लाइट की वजह से नींद ना आना कॉमन हो गया है |
3. Self confidence की कमी - मोबाईल फोन का ज्यादा use self confidence में कमी भी लाता हैं क्योंकि लोग अधिकतर टाइम मोबाईल में ही लगे रहते है और online attention पाने की चाह में वे real life में खुद को अकेला पाते हैं जिस वजह से उनके confidence पर असर पड़ता हैं |
4. Overthinking और anxiety का बढ़ना - सोशल मीडिया में कोई भी चीज देखना और उसको रियल लाइफ से compare करने आपको डिप्रेशन तक दे देता हैं | इससे आपको overthink होता हैं और रियल लाइफ की आप व्हाट लगा देते हैं | आपके अंदर चिड़चिड़ापन बढ़ने लगता है छोटी छोटी बात आपको परेशान करने लगती हैं |
5. डिप्रेशन - फोन का ज्यादा use आपको डिप्रेशन तक दे देता है क्योंकि आप अनलाइन बहुत सी चीजे देखते है और उसको रियल लाइफ से compare करने लग जाते है उसका ऐसा है ....मेरा ऐसा क्यों नहीं मन में ऐसी भावना आने लगती हैं जिससे आप mentally डिस्टर्ब हो जाते हो |
मोबाईल फोन का use आखिर इतना क्यों ?
आज के समय में मोबाईल फोन का use सिर्फ बात करने के लिए नहीं रह गया हैं बल्कि सभी काम आज कल मोबाईल फोन से ही होने लगे है | लोग फोन के addict हो चुके है उठते ,सोते खाते ,चलते नहाते हर समय सिर्फ मोबाईल | इसके अलावा इसका use
सोशल मीडिया जैसे instagram ,whatsapp ,facebook इत्यादि मे ज्यादा होने लगा हैं |
लोग दिन रात scrolling में लगे हुए है ,जिससे उनके सोचने समझने की capacity कम होती जा रही हैं | कोई भी बात ज्यादा देर तक याद नहीं रह पाती इसका मतलब है की ज्यादा use से हमारे दिमाग में भी बहुत असर पड़ रहा हैं |
मोबाईल फोन के ज्यादा use से बचने के उपाये -
1. Screen time निर्धारित करें - जब भी आप मोबाईल का use तो अपना टाइम निर्धारित करें की कितने घंटे तक मुझे use करना हैं | बिना decide करें आप इसमे घंटों बर्बाद कर देंगे आपको पता भी नहीं चलेगा |
2. Notification Off रखें - हमेशा जितने भी सोशल मीडिया के apps हैं उनका notification off रखें ताकि आप distract न हो | क्योंकि notification आपका ध्यान भटका सकती हैं जिससे आप अपने काम से भी डिस्ट्रैक्ट हो सकते हैं |
3. Physical activity करें - मोबाईल की लत को दूर करने के लिए सबसे बेस्ट तरीका हैं की आप physical activity करना start कर दें | इसमे आप योग ,व्यायाम या फिर बाहर भी घूम सकते हैं जहा भी आपको अच्छा लगे |
4. अपने passion पर focus करें - मोबाईल चलाना कोई passion नहीं होता इसके वजाये आप अपनी पढ़ाई में , या जो भी आपको अच्छा लगता हो जैसे संगीत ,पेंटिग ,स्पोर्ट्स इत्यादी में फोकस करें |
5. डिजिटल ditox फॉलो करें - इसका मतलब हैं कोशिश करें की हफ्ते में एक दिन मोबाईल से दूर रहे /use न करें | ऐसा करके आप कुछ हद तक खुद को better feel करा सकते हैं |
मोबाईल addiction के लक्षण -
अगर यहाँ बताए गए लक्षण आपको दिख रहे हैं तो आपको सावधान होने की जरूरत हैं
- हर वक्त मोबाईल check करते रहना
- नींद की समस्या होना
- काम या पढ़ाई में मन न लगना
- फोकस न कर पाना
- स्क्रीन टाइम कंट्रोल न कर पाना
- mood पर पूरा असर पड़ता हैं
- वे मोबाईल के आदि हो जाते हैं
- उनके nature पर असर पड़ता हैं
- सामाजिक कौशल में कमी आती हैं
निष्कर्ष - आज के समय में मोबाईल फोन हमारी life का important part बन चुका है जिसके बिना जीवन की कल्पना करना असंभव स लगता है | किन्तु इसका अधिक उपयोग हमारे जीवन को गर्त की तरफ धकेल रहा है | हमारे दिमाग में नकारात्मक प्रभाव डाल रहा हैं जिससे हमारी पर्सनल लाइफ और प्रोफेशनल लाइफ दोनों ही प्रभावित हो रही हैं |
दोस्तों एक बात हमेशा ही याद रखना की "तकनीक हमारी सुविधा के लिए हैं ,लेकिन उस पर संतुलन बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी हैं "|

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